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किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ को ‘रीनल कैलà¥à¤•लस’ के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है, जहां रीनल का अरà¥à¤¥ ‘गà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾â€™ है और कैलà¥à¤•à¥à¤²à¥€ का अरà¥à¤¥ 'पथरी' है। किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ को उनके उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के आधार पर नेफà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¥à¤¿à¤¯à¤¾à¤¸à¤¿à¤¸ या यूरोलिथियासिस के नाम से à¤à¥€ वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ किया जाता है:
नेफà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¥à¤¿à¤¯à¤¾à¤¸à¤¿à¤¸ तब होता है जब गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ में पथरी मौजूद होती है।
यूरोलिथियासिस तब होता है जब पथरी मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ या मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में मौजूद होती है।
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ में या मूतà¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में कहीं और जमा लवण और खनिजों के कठोर पिंड को संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ करती है। मूतà¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡, मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— होते हैं। गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ से लेकर मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— तक कहीं à¤à¥€ जमा हो सकती है। वे सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ कà¥à¤·à¤¤à¤¿ का कारण नहीं बनेंगे, लेकिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पारित करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल और दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• हो सकता है।Kidney stone kya haiगà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी कैसे बनती है?
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी उन पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बनती है जो मूतà¥à¤° में सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से मौजूद होते हैं। जब मूतà¥à¤° अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• गाà¥à¤¾ हो जाता है, तो उसमें मौजूद खनिज कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¥€à¤•ृत होते हैं और जà¥à¥œ जाते हैं, जिससे छोटे पतà¥à¤¥à¤° पैदा हो सकते हैं। यदि समय पर इलाज नहीं किया जाता है, तो ये छोटे पतà¥à¤¥à¤° आकार में बढ़ सकते हैं और मूतà¥à¤° अवरोध पैदा कर सकते हैं, जिससे गंà¤à¥€à¤° जटिलताà¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती हैं।
किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ में आहार की à¤à¥‚मिका
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• शरीर में आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को फ़िलà¥à¤Ÿà¤° करके (छान के) उसे शरीर में अवशोषण करना है। गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ में अधिकांश पोषक ततà¥à¤µ आहार से आते हैं, इसलिठगà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के रोगियों में आहार की à¤à¥‚मिका महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हो जाती है।
खनिज जो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी को जनà¥à¤® दे सकते हैं:
कैलà¥à¤¸à¥€à¤…म (चूना)
ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ
यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡
फॉसà¥à¤«à¥‡à¤Ÿ
सिसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨
ज़ैंथीन
ये सारे खनिज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में सरà¥à¤µà¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ रूप से मौजूद हैं, इसलिठआहार को संशोधित करने से गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के उपचार और रोकथाम में काफी मदद मिल सकती है। इसलिà¤, डॉकà¥à¤Ÿà¤° वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• रूप से गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के रोगियों के लिठआहार चारà¥à¤Ÿ की सलाह देते हैं।
किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤?- Kidney stone me kya khana chahiye?
संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी को रोकने और उसके इलाज में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। कà¥à¤² मिलाकर, किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठनिमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚: किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ से बचने के लिठफल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाना जरूरी होता है। फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का अधिकतम मातà¥à¤°à¤¾ होता है जो शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाठरखते हैं।
चावल: पथरी में चावल खाना चाहिठया नहीं, यह कई लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आमतौर पर पूछा जाने वाला पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ हैI इसका जवाब है हाà¤, चावल गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है। इसमें कम ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ है जो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के गठन को रोकने में मदद करता है।
खसखस, सोंफ, जीरा आदि: खसखस, सोंफ, जीरा जैसे मसालों का सेवन à¤à¥€ किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ से बचने में मदद कर सकता है।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®: कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® शरीर में ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ के सà¥à¤¤à¤° को बनाठरखने में सहायता करता है। यह ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ से बंधकर पतà¥à¤¥à¤° के गठन में रोक लगाता है। यदि शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सà¥à¤¤à¤° कम हैं, तो ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ सकता है, जिससे फिर पतà¥à¤¥à¤° का गठन हो सकता है।
इसलिà¤, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सेवन बढ़ाना आवशà¥à¤¯à¤• है।यह अवशà¥à¤¯ ही सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें की आपकी सारी कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से मिले, न कि पूरक आहार से (सपà¥à¤ªà¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸), कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पूरक कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के गठन से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के समृदà¥à¤§ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ दूध, पनीर, दही, मछली आदि हैं। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के शाकाहारी सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में फलियां और हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, काà¤à¤² आदि शामिल हैं। फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ अनाज और फलों के रस में à¤à¥€ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® उपलबà¥à¤§ है।
विटामिन डी: कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के साथ विटामिन डी का सेवन बढ़ाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि विटामिन डी कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® अवशोषण में मदद करता है। विटामिन डी के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ पशॠयकृत, वसायà¥à¤•à¥à¤¤ मछली और पनीर हैं।
पानी: किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के रोगियों के इलाज में हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहना à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कदम है। यह गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन में सबसे अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। पानी मूतà¥à¤° को पतला करने में मदद करता है, जिससे मूतà¥à¤° में खनिजों के कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¥€à¤•रण को रोका जा सकता है। किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के मरीजों के लिठआहार में रोजाना कम से कम छह से आठगिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है।
कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤° गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के आहार तालिका के à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ के रूप में डीà¤à¤à¤¸à¤à¤š (डैश) आहार की à¤à¥€ सलाह दे सकते हैं। डीà¤à¤à¤¸à¤à¤š आहार आमतौर पर उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, हृदय रोग और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के जोखिम को कम करने के लिठअनà¥à¤¶à¤‚सित किया जाता है।Kidney stone mei kya khana chaiyeगà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के रोगियों के लिठडीà¤à¤à¤¸à¤à¤š आहार में शामिल हैं:
हर दिन कम से कम छह से आठगिलास पानी पियें।
साइटà¥à¤°à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे संतरा, नींबू आदि खाà¤à¤‚।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ दिन में कम से कम तीन बार खाà¤à¤‚।
नमक का सेवन सीमित करें।
पशॠपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सेवन सीमित करें।
शरà¥à¤•रा और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ पेय से बचें।
कृपया धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें: पतà¥à¤¥à¤° खनिज संरचना में à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होते हैं; इसलिà¤, पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पà¥à¤°à¤•ार के पतà¥à¤¥à¤° के लिठआहार अलग पà¥à¤°à¤•ार के हो सकते हैं। इसलिà¤, आहार को बदलने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करना उचित है।
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के लिठफल
ये फल गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी से बचने में मददगार होते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं:
खरबूजा
खरबूजे में बहà¥à¤¤ सारा पानी होता है जो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मददगार होता है और पथरी को बनने से रोकता है। इसके अलावा, खरबूजे में विटामिन सी, पोटेशियम, लाइसोपेन और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जैसे अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं।
आंवला
आंवला गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मददगार होता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पथरी नहीं बनने देता। आंवला अमà¥à¤² का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है, जो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से निपटने में मदद करता है।
पपीता
पपीता में पोटेशियम और विटामिन सी होता है जो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मददगार होता है। इसके अलावा, पपीता में फाइबर à¤à¥€ होता है जो मल मूतà¥à¤° में शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤•रण के लिठमददगार होता है।
केला
केला पोटेशियम का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है जो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मददगार होता है। इसके अलावा, केले में फाइबर à¤à¥€ होता है जो मल मूतà¥à¤° में शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤•रण के लिठमददगार होता है।
सेब
सेब में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट और फाइबर होता है जो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मददगार होता है। सेब में मौजूद पोटेशियम और विटामिन सी à¤à¥€ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ के लिठफायदेमंद होते हैं।
अनार
अनार à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होता है जो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मददगार होता है। इसके अलावा, अनार में अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ होते हैं जैसे कि विटामिन सी, पोटेशियम और फाइबर जो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ के लिठफायदेमंद होते हैं।
किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤?
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी में कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन से लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बिगड़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। इसलिà¤, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के रोगियों के लिठआहार चारà¥à¤Ÿ से कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को हटाना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हो जाता है। किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिठनिमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
नमकीन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚: आहार में नमक का कम पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। घर के बने खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में और बाहर खाने पर ऊपर से नमक डालना सीमित करें। खरीदने से पहले खादà¥à¤¯ पैकेजिंग पर पोषण संबंधी लेबल की जांच करें कि कितनी सोडियम उसमें मौजूद है।
पशॠपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨: पशॠपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ में पà¥à¤¯à¥‚रीन होते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पचाते समय, उप-उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ के रूप में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पैदा होता है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के घटकों में से à¤à¤• है, इसके बढ़ने पर गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के गठन में तेजी हो सकता है।
इसलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° पशॠपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सेवन सीमित करने की सलाह दे सकते हैं। लाल मांस, मछली, अंडे, चिकन और सूअर का मांस खाने से बचें। इसके बजाय, अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ जैसे बीनà¥à¤¸, सूखे मटर, दाल आदि का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।
शकà¥à¤•र और मिठाई: शकà¥à¤•र और मिठाई खाने से बचना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें ऊà¤à¤šà¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ होते हैं जो किडनी में जमा होते हैं और किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के रूप में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं।
ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥: ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के घटकों में से à¤à¤• है। इसीलिठगà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के रोगियों के लिठआहार चारà¥à¤Ÿ से इसे निकाल फेंकना सरà¥à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¿ महतà¥à¤µ का हो जाता है।ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में पाठजाते हैं:
चॉकलेट
बादाम
मूंगफली
चाय
पालक
शकरकंद
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ पेय: कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ पेय में फॉसà¥à¤«à¥‡à¤Ÿ और चीनी अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं। फॉसà¥à¤«à¥‡à¤Ÿ और चीनी दोनों ही पतà¥à¤¥à¤° के गठन को बढ़ावा देते हैं। सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤œ और फà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤œ जैसे अतिरिकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤
ये अतिरिकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा न केवल कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ पेय में मौजूद हैं, बलà¥à¤•ि शहद, मकई सिरप आदि में à¤à¥€ मौजूद हैं। इसलिठआपको किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के मरीजों के लिठडाइट फॉलो करते हà¥à¤ इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤
शराब और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨: शराब से बचें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ को कम कर सकता है, यह कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¥€à¤•रण और खनिजों के जमाव को बढ़ावा दे सकता है। बहà¥à¤¤ अधिक कैफीन से बचें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¥€ डीहाइडà¥à¤°à¥ˆà¤¶à¤¨ हो सकता है।
तरल पदारà¥à¤¥: अनà¥à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ जैसे कि सोडा, कॉफी, चाय, कोला आदि की मातà¥à¤°à¤¾ कम करनी चाहिà¤à¥¤ इनमें मौजूद कैफीन किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के रूप में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।Kidney stone mei kya nahi khana chaiye
किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ डाइट चारà¥à¤Ÿ- Kidney stone diet chart
यहाठपूरे दिन का खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का टेबल दिया गया है, जिसमें गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठवह समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हैI इस आहार चारà¥à¤Ÿ में शामिल à¤à¥‹à¤œà¤¨ उचà¥à¤š कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, उचà¥à¤š ऑकà¥à¤¸à¤²à¥‡à¤Ÿ, ऊरà¥à¤œà¤¾ और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ से दूर रहते हैं जो किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के जनà¥à¤® के कारण बन सकते हैं।
दिन
सà¥à¤¬à¤¹ का नाशà¥à¤¤à¤¾
दोपहर का खाना शाम का खाना
दिन 1
à¤à¤• केला और à¤à¤• कप दूध
गेहूं के चपाती, सबà¥à¤œà¥€ और दही दालचावल और सलाद
दिन 2 सूजी का उपमा और à¤à¤• कप चाय à¤à¥à¤¨à¤¾ हà¥à¤† चना और गेहूं के चपाती मिकà¥à¤¸ वेज सूप, सबà¥à¤œà¥€ और चावल
दिन 3 à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ फल का जूस और à¤à¤• कटोरा पोहे दही और मिकà¥à¤¸ वेज थाली साबà¥à¤¦à¤¾à¤¨à¤¾ खिचड़ी और सलाद
दिन 4 à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ नींबू पानी और à¤à¤• अंडा बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस और सलादतीखे मटर के चावल और सबà¥à¤œà¥€
दिन 5 à¤à¤• कप दूध और दो गेहूं के चपाती वेजिटेबल डलिया और सलाद सूखे मटर और बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस का पà¥à¤²à¤¾à¤µ और सबà¥à¤œà¥€
दिन 6 à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ अनार का जूस और à¤à¤• सूखी खजूर मूंग दाल खिचड़ी और सलाद मिकà¥à¤¸ वेज उपमा और दही
दिन 7 à¤à¤• कप ताजा अंगूर का जूस और दो कटोरा पोहे सबà¥à¤œà¥€ और गेहूं के चपाती सबà¥à¤œà¥€ और चावल
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी आहार के लिठटिपà¥à¤¸
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अपने आहार में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का पालन करना चाहिà¤:
पानी की मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¾à¤à¤: दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिà¤à¥¤ पानी से शरीर से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ बाहर निकलते हैं जिससे पथरी बनने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है।
नींबू पानी का सेवन: नींबू पानी में विटामिन सी, जो पथरी के खिसकाव को कम करता है।
सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट गरà¥à¤® पानी: यह गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ में मौजूद विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को धो देता है जो पथरी बनाने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को कम करता है।
पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार लें: फल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, अनाज और दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ शामिल करें।
सोडियम की मातà¥à¤°à¤¾ कम करें: सोडियम अधिकतम मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे नमकीन चिपà¥à¤¸, बिसà¥à¤•िट, सॉफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क और फासà¥à¤Ÿ फूड शामिल नहीं करने चाहिà¤à¥¤
शराब और तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू: शराब और तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू पथरी के जनà¥à¤® के जोखिम को बà¥à¤¾ देतेI इंका सेवन कम करेंI
ऑकà¥à¤¸à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ से बचें: ऑकà¥à¤¸à¤²à¥‡à¤Ÿ जैसे पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बचें जैसे सà¥à¤ªà¤¿à¤¨à¥‡à¤š, चावल, मूंगफली और टमाटरI
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